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रांची: छात्र आंदोलन पर सरकार के रुख में आया बदलाव? समिति गठन पर मंत्री का बयान बना चर्चा का विषय?

रांची: 


झारखंड में परीक्षा और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार के अलग-अलग बयानों ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है। बुधवार दिन में यह खबर सामने आई थी कि सरकार ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत के लिए पांच मंत्रियों की एक समिति गठित की है। इस दावे की पुष्टि स्वयं मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने की थी और कहा था कि सरकार संवाद के माध्यम से सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहती है।


हालांकि देर रात झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस दावे से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने कोई आधिकारिक समिति गठित नहीं की है।


वित्त मंत्री ने कहा कि मंत्रियों का एक समूह जरूर बनाया गया है, जिसमें दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल हैं, लेकिन इस समूह की भूमिका केवल आंदोलन की स्थिति पर नजर रखने तक सीमित है। उन्होंने कहा कि इस समूह को छात्रों के साथ औपचारिक वार्ता करने की जिम्मेदारी नहीं दी गई है।


राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं तथा उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अपना संदेश छात्रों तक पहुंचा चुकी है और अब यह छात्रों पर निर्भर करता है कि वे सरकार के साथ कब और किस प्रकार बातचीत करना चाहते हैं।


इससे पहले मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि सरकार बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है और छात्रों से संवाद स्थापित करने हेतु समिति बनाई गई है। उनके इस बयान के बाद राज्य के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भी यही खबर प्रकाशित की थी कि सरकार ने छात्रों से वार्ता के लिए समिति गठित कर दी है।


अब वित्त मंत्री के ताजा बयान के बाद समिति के गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं दिख रही है। ऐसे में छात्र संगठनों और आम जनता की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच औपचारिक वार्ता कब और किस रूप में शुरू होती है।


प्रकाशक: सौरभ सागर

The Jan Samachar

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